रायपुर कांशीराम नगर निवासी कौशल टंडन ने फर्जी तरीके से गरीबों की जमीन का विक्रय किया, बड़ी बेटी का अपहरण कर धोखे से हस्ताक्षर कराया, लगभग 3 करोड़ की जमीन में आधे का फर्जीवाडा कर बेचा, फर्जी ऋण पुस्तिका का मामला भी सामने आया, तेलीबांधा थाने में नही हो रही सुनवाई, पटवारी, तहसीलदार, रजिस्ट्रार सबकी कार्यप्रणाली संदेह के दायरे में…*

संपादक पंकज दास

*रायपुर कांशीराम नगर निवासी कौशल टंडन ने फर्जी तरीके से गरीबों की जमीन का विक्रय किया, बड़ी बेटी का अपहरण कर धोखे से हस्ताक्षर कराया, लगभग 3 करोड़ की जमीन में आधे का फर्जीवाडा कर बेचा, फर्जी ऋण पुस्तिका का मामला भी सामने आया, तेलीबांधा थाने में नही हो रही सुनवाई, पटवारी, तहसीलदार, रजिस्ट्रार सबकी कार्यप्रणाली संदेह के दायरे में…*

*रायपुर*। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में राजिम क्षेत्र के पास जौंदा गांव के गरीब किसान की ज़मीन को रायपुर के कांशीराम नगर निवासी कौशल टंडन द्वारा आधे जमीन का फर्जीवाड़ा कर विक्रय कर देने का मामला सामने आया है। इस परिवार में 8 सदस्य हैं लेकिन घर की बड़ी बेटी का अपहरण कर फर्जी तरीके से उनका हस्ताक्षर कराए जाने का आरोप कौशल टंडन पर लगाया गया है जबकि इनका कहना है कि अगर जमीन बेचना हो तो सभी पारिवारिक सदस्यों के हस्ताक्षर और सहमति से होता लेकिन कौशल टंडन द्वारा गलत तरीके से सिर्फ घर की बड़ी बेटी का हस्ताक्षर धोखे से करवाकर आधी जमीन का सौदा टंडन ने कर दिया। ऋण पुस्तिका को लेकर भी कई सवाल खड़े हो रहें हैं जिससे पटवारी, तहसीलदार और रजिस्ट्रार सबकी कार्यप्रणाली संदेह के दायरे में दिखाई पड़ रही है।

 

इनका यह भी कहना है कि उक्त भूमि पर विधिक कार्यवाही पूर्ण करने तथा कृषि कार्य करने हेतु कौशल टंडन पिता स्व. पुनेश्वर कुमार रायपुर कांशीराम नगर निवासी को दिया गया था। लेकिन पढ़े लिखे ना होने के आभाव में इन्हें कुटरचित दस्तावेज बनाकर आधे जमीन जिसकी कीमत 1 करोड़ की बताई जा रही है उसे धोखे से कौशल टंडन द्वारा बेच दिया गया। पीड़िता ने यह भी बताया कि उसे टंडन ने आधार कार्ड बनवाने के बहाने झूठ बोलकर ले जाया गया और बंदी बनाकर 2 दिन तक रखा फिर गलत तरीके से पीड़िता से हस्ताक्षर करवा लिए। इसकी शिकायत करने भी सोमवार को ये पीड़ित परिवार थाने पहुंचा लेकिन थाने में इनकी कोई सुनवाई नही की गई, जिससे आज फिर ये शिकायत करने तेलीबांधा थाना पहुंचे, तथा एसपी ऑफिस में भी अपनी शिकायत दर्ज करवाई है।

वहीं पीड़ित परिवार के बुजुर्ग का रो रोकर बुरा हाल हो गया है और बुजुर्ग ने अपनी आपबीती भी मीडिया के समक्ष बताया। सच भी है की एक किसान के लिए उसकी जमीन ही सबकुछ होती है जिससे वो अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं, और ऐसे में पढ़े लिखे ना होने के कारण इस तरह की धोखेबाजी कर उनकी जमीन के साथ फर्जीवाड़ा कर बेचना इंसानियत को शर्मशार कर देने वाली बात है। इस प्रकार के पीड़ित लोगों की थाने में सुनवाई ना होना भी एक विकट स्थिति है आखिर ऐसे परिस्थिति में ये पीड़ित परिवार कहां जाकर न्याय की गुहार लगाएगी ?

    1. एक तरफ जहां भाजपा सरकार गरीबों के लिए मकान बना रही, नई नई योजनाओं से गरीब और किसानो को सौगात दे रही है, वहीं एक ओर ऐसे गरीब किसान पीड़ित परिवार की व्यथा देख सुनकर भी पुलिस प्रशाशन इनका कोई सहयोग नहीं करती , इन गरीब किसान पीड़ित परिवार का सरकार और पुलिस प्रशाशन से प्रार्थना और निवेदन भी है कि इनके साथ न्याय हो और दोषी को इसकी सजा

      मिले।

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