पूज्य सिंधी पंचायत राम द्वारा भगवान साईं श्री झूलेलाल कथा का आयोजन दिनांक 23, 24 एवं 25 अगस्त को झूलेलाल मंदिर प्रांगण में किया गया
संपादक पंकज दास

“सिंधी समाज की आस्था का महापर्व: 56 फिट झूलेलाल मूर्ति से कलश एवं शोभायात्रा, कथा और प्रसादी का भव्य आयोजन”
1. “रायपुर में सिंधी समाज का भव्य आयोजन: झूलेलाल कथा, कलश यात्रा और 251 बहराणा साहेब की शोभायात्रा”
2. “56 फिट झूलेलाल मूर्ति स्थापना के लिए सिंधी समाज की आस्था उमड़ी, कथा व प्रसादी का आयोजन”
3. “जय झूलेलाल! लाल साई जी के श्रीमुख से कथा और शोभायात्रा में श्रद्धालुओं की अपार भागीदारी”
जय झूलेलाल – जय हिंगलाज माता
रायपुर। सिंधी समाज के लिए हर्ष और गौरव का अवसर है कि पुज्य सिंधी पंचायत राम के तत्वावधान में 56 फिट ऊँची झूलेलाल भगवान की भव्य मूर्ति स्थापना हेतु कलश यात्रा एवं शोभा यात्रा का आयोजन किया गया।
चक्कर भाटा स्थित लाल साई जी के आशीर्वाद से शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। यात्रा राजेंद्र नगर से होकर फुटपार्क चौपाटी तक पहुँची, जहाँ फुटपार्क संचालकों द्वारा लाल साई जी एवं कलश यात्रा का भव्य स्वागत किया गया।
कार्यक्रम विवरण
आपको बताते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि पूज्य सिंधी पंचायत राम द्वारा भगवान साईं श्री झूलेलाल कथा का आयोजन दिनांक 23, 24 एवं 25 अगस्त को झूलेलाल मंदिर प्रांगण में किया गया
23 अगस्त शाम 6:00 बजे से भाव कलश यात्रा निकल गई
24 अगस्त, शाम 7 बजे – श्री लाल साई जी के श्रीमुख से झूलेलाल कथा, कथा पश्चात भोजन प्रसादी।
25 अगस्त, शाम 7 बजे – श्री लाल साई जी के श्रीमुख से कथा, कथा पश्चात भोजन प्रसादी।
25 अगस्त – 251 बहराणा साहेब की शोभायात्रा 56 फिट झूलेलाल मूर्ति स्थल से प्रारंभ होकर केनान रोड, अमलीडीह पियूष कॉलोनी, गेलेक्सी मारुति रेजीडेंसी होते हुए अमलीडीह तालाब में सम्पन्न होगी। यात्रा के पश्चात भोजन प्रसादी का आयोजन किया गया।
- आपको बताते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि पूज्य सिंधी पंचायत राम द्वारा भगवान साईं श्री झूलेलाल कथा का आयोजन दिनांक 23, 24 एवं 25 अगस्त को झूलेलाल मंदिर प्रांगण में किया गया
पंचायत का उद्देश्य
पंचायत का उद्देश्य है कि हमारी युवा पीढ़ी को हमारे इष्टदेव भगवान झूलेलाल जी के जीवन चरित्र एवं उनके आदर्शों की पूरी जानकारी प्राप्त हो। आज दुख की बात यह है कि बहुत से लोग यह नहीं जानते कि –
भगवान झूलेलाल का जन्म कहां हुआ था?
उनके माता-पिता का नाम क्या था?
उन्होंने हिंदुत्व की रक्षा के लिए क्या-क्या किया?
चालिया साहिब क्यों मनाया जाता है?
इन सभी प्रश्नों का उत्तर और भगवान झूलेलाल जी के जीवन की प्रेरणादायी गाथाएं इस कथा में विस्तृत रूप से प्रस्तुत किया गया।
सांई जी के मार्ग दर्शन से तृतीय दिन कथा का समापन कथा पस्चात डेली भोजन प्रसादी कि व्यवस्था रखी गई थी जिसमें कई संस्थाएं व समाज सेवक ने बढ़चढ़ कर सेवाएं दी भोजन प्रसादी वितरण कि सेवा सेवा पथ परिवार द्वारा कि गई
इस आयोजन में सिंधी समाज सहित विभिन्न क्षेत्रों के श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही और सभी ने झूलेलाल भगवान के जयकारों के साथ श्रद्धा-भक्ति में भाग लिया।



