हाईस्कूल उरला में नियमों की अनदेखी, 10वीं की छात्राओं से कराई 12वीं बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी, DEO पर भी मामले को दबाने का आरोप
संपादक पंकज दास

हाईस्कूल उरला में नियमों की अनदेखी, 10वीं की छात्राओं से कराई 12वीं बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी, DEO पर भी मामले को दबाने का आरोप
- शासकीय हाई स्कूल उरला से बोर्ड परीक्षा में गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। मिली शिकायत के अनुसार, प्राचार्य श्री अनुराग ओझा द्वारा कक्षा 10वीं की नाबालिग छात्राओं से कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में पर्यवेक्षक का कार्य करवाया गया।
शिकायत में लगाए गए प्रमुख आरोप:
• परीक्षा तिथियां: दिनांक 30/03/2026, 04/04/2026 एवं 12/04/2026 को आयोजित 12वीं बोर्ड परीक्षा के दौरान 10वीं की छात्राओं से पर्यवेक्षक का काम लिया गया।
• नाबालिगों से श्रम: आरोप है कि परीक्षा हॉल में नाबालिग बच्चों से परीक्षार्थियों को पानी पिलाने का कार्य भी कराया जा रहा है। • स्टाफ को हटाना: शिकायत में यह भी कहा गया है कि पूर्व में कार्यरत स्वीपर को प्राचार्य द्वारा हटा दिया गया है। •

DEO की भूमिका पर सवाल: शिकायतकर्ता का आरोप है कि जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) भी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं और मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। • पुरानी शिकायतें: शिकायतकर्ता का दावा है कि प्राचार्य के विरुद्ध पूर्व में भी कई शिकायतें दर्ज कराई गई हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है।
नाबालिग बच्चों से इस प्रकार का कार्य करवाना बाल श्रम कानून के तहत गैरकानूनी माना जाता है। साथ ही बोर्ड परीक्षा जैसे संवेदनशील कार्य में नाबालिग छात्रों को पर्यवेक्षक बनाना माध्यमिक शिक्षा मंडल के नियमों का भी उल्लंघन है।
जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर भी आरोप के घेरे में
शिकायतकर्ता ने शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और कलेक्टर से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही DEO की भूमिका की भी जांच करने की मांग उठाई है ताकि भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति न हो।



