एनआईटी रायपुर ने ऊर्जा संरक्षण पर जागरूकता वर्कशॉप का आयोजन

संपादक पंकज दास

एनआईटी रायपुर ने ऊर्जा संरक्षण पर जागरूकता वर्कशॉप का आयोजन

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर में 13 अगस्त 2024 को छत्तीसगढ़ स्टेट रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (क्रेडा), ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (बीईई) और इंडियन वाटर रिसोर्सेज सोसायटी (आई.डबल्यू.आर.एस.) स्टूडेंट चैप्टर एनआईटी रायपुर ने एनआईटी रायपुर के साथ मिलकर ‘एनर्जी कंजर्वेशन: सेविंग प्लेनेट फॉर फ्यूचर जेनरेशन’ विषय पर एक दिवसीय वर्कशॉप का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में क्रेडा से श्री आर.एस. भाकुनी, श्री आदित्य बघेल और श्री आकाश शर्मा, प्रोजेक्ट कोर्डिनेटर डॉ. प्रियंका पचौरी मिश्रा और आईडब्ल्यूआरएस स्टूडेंट चैप्टर एनआईटी रायपुर के फैकल्टी इंचार्ज डॉ. इश्तियाक अहमद उपस्थित रहे। वर्कशॉप का उद्देश्य ऊर्जा संरक्षण के बारे में जागरूकता बढ़ाना, प्रतिभागियों को सस्टेनेबल डेवलपमेंट को अपनाने और ऊर्जा प्रबंधन में नवाचार करने के लिए प्रेरित करना था। इस कार्यक्रम का आयोजन श्री राजेश सिंह राणा, सी ई ओ, आई ए एस, क्रेडा के मार्गदर्शन में किया गया |

 

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद आर. एस. भाकुनी ने 1,60,000 सौर ऊर्जा पंपों और 30,000 से अधिक सौर ऊर्जा संचालित पेयजल स्रोतों की स्थापना जैसी क्रेडा की महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने “ऊर्जा की बचत ही ऊर्जा का उत्पादन है” सिद्धांत पर जोर दिया और घर पर ऊर्जा संरक्षण के महत्व पर चर्चा की। आकाश शर्मा ने ऊर्जा-कुशल तकनीकों और उपयोग पर चर्चा की, ऊर्जा संरक्षण और कुशल उपकरणों को अपनाने की महत्वपूर्ण आवश्यकता पर जोर दिया।

 

अपने संबोधन में, डॉ. प्रियंका ने ऊर्जा संरक्षण और सस्टेनेबिलिटी में क्रेडा के महत्वपूर्ण योगदान पर गहराई से जानकारी दी। उन्होंने सौर ऊर्जा और कृषि परियोजनाओं में क्रेडा की भागीदारी के बारे में विस्तार से बताया, ऊर्जा दक्षता के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उनके प्रयासों पर जोर दिया। प्रियंका ने अपशिष्ट प्रबंधन और औद्योगिक गतिविधियों सहित जलवायु परिवर्तन के कारणों और परिणामों पर चर्चा की, और वैश्विक जलवायु लक्ष्यों और मिशन लाइफ पहल पर प्रकाश डाला। उन्होंने सतत विकास लक्ष्यों और 2001 के ऊर्जा संरक्षण अधिनियम को रेखांकित किया, जिसमें पीएटी, एमयूडीएसएम, ईसीबीसी और एजीडीएसएम जैसे प्रमुख कार्यक्रमों का विवरण दिया गया। इसके अलावा उन्होंने बताया कि क्रेडा ने 71 एनर्जी एफिशिएंट गांव, 459 ऊर्जा क्लब और 29 सहायता केंद्रों की स्थापना की है। ब्राइट आइडिया कॉन्सेप्ट और 300 से अधिक किसानों को प्रशिक्षित करने तथा ऊर्जा कुशल मॉडल स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र बनाने में उनके काम का वर्णन किया, जिसमें सस्टेनेबिलिटी और ऊर्जा संरक्षण को आगे बढ़ाने में सार्वजनिक शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाया गया

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